कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने भी पद्मावती फिल्म के विरोध मे की आवाज बुलंद

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आजतक ख़बरें,हरियाणा:अलाउद्दीन ख़िलजी के किरदार को ग्लैमराइज करना उन सभी लोगों का महिमामंडन है,जो लड़कियों पर तेज़ाब फेंकने जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं।फिल्म को हिट करने के लिए,प्रोडक्शन का स्तर उठाने के लिए एक बुरे किरदार को इस तरह ग्लैमराइज करने से अच्छा विकल्प आप चुन सकते थे,उक्त संदेश के साथ हरियाणा के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने फिल्म पद्मावती पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी और पद्मावती फिल्म के निर्माता निर्देशक संजय लीला भंसाली को पत्र लिखकर फिल्म में संशोधन की मांग की है।
पत्र में फिल्म डायरेक्टर संजय लीला भंसाली ट्रेलर को सुझाव देते हुए में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने लिखा कि आप गोरा-बादल की वीरता को सामने रख सकते थे,जिन्होंने अपने राजा की रक्षा के लिए क़ुर्बानी का अद्वितीय उदाहरण पेश किया।किसी बुरे किरदार को यादगार बनाने से हो सकता है आपकी फिल्म हिट हो जाए लेकिन ऐसे में ये फिल्म हमारे गौरवमयी इतिहास के साथ न्याय नहीं कर पाएगी।सेंसर बोर्ड की दृष्टि से हो सकता है कि आपकी फिल्म में कोई त्रुटि न हो लेकिन देश चाहता है कि वो ऐसी फिल्म देखे जिसमें अलाउद्दीन खिलजी की बजाए रानी पद्मावती, सेनापति गोरा और उनके भतीजे बादल की वीरता के चर्चे हों।मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि देश चाहता है कि आपकी फिल्म देखकर निकलने वाले लोग ये ना कहें कि अलाउद्दीन खिलजी के रोल में रणबीर सिंह ने क्या अभिनय किया है बल्कि ये महसूस करें कि मान के लिए जान देने वाले कितने शूरवीर थे।

यहाँ विशेष रूप से बता दे कि अपने विवादित बयानों से चर्चा में रहने वाले हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने भी कहा है कि वह इतिहास से छेड़छाड़ करने वाली फिल्म को रिलीज नहीं होने देंगे। विज ने कहा है कि,’आक्रांताओं को देश में महिमामंडित करने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती।भंसाली ने रानी पद्मावती के चरित्र से छेड़छाड़ करने की कोशिश की है।’ इतिहास पर बनने वाली फिल्मों में अभिनय और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से ज्यादा देश के लोगों की संवेदनाओं का महत्व होना चाहिए ताकि भारत के इतिहास का गौरवमयी पहलू आज की पीढी महसूस कर सके।

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