कृषि बिल वापस लेने के बाद,अब हरियाणा सरकार के सहकारिता राज्यमंत्री का बल्लबगढ़ में यू टर्न

0
62

आजतक खबरें,बल्लबगढ़(अमित चौधरी) :कृषि बिल के मुद्दे पर किसानो द्धारा कई महीनों तक सड़को पर चलाये गए आंदोलन के बाद केंद्र की सरकार के बिलों को जिस तरिके से वापस लिया या केवल हल्के विरोध के बाद ही अब वीटा प्लांट बल्लभगढ़ से बाबल शिफ्ट करने की योजना को हरियाणा सरकार के सहकारिता राज्यमंत्री डॉक्टर बनवारीलाल ने विराम लगाया,उस से तो यही समझा जा रहा है कि या तो सरकार के मंत्री बिना जमीनी हकीकत जाने आनन फानन में जनहित योजनाए बना रहे हैं या फिर जनता की नब्ज को टटोले अपने हितों को सोच कर योजनाएं बना रहे हैं।

वीटा प्लांट बल्लभगढ़ से बाबल शिफ्ट करने की योजना पर करण दलाल के सहयोग से गिरीश भारद्वाज की उठाई आवाज रंग लायी है।बल्लबगढ़ वीटा डेरी से जुड़े 18000 पशुपालन को और लगभग 550 सहकारी समिति पर आया रोजगार फ़िलहाल अभी टल चुका है।पूर्व विधायक करण दलाल के सहयोग से बल्लबगढ़ कांग्रेस नेता गिरीश भारद्वाज ने तवा तोड़ बैठकर कर आसपास के किसानों के सहयोग से बल्लबगढ़ स्थित वीटा दूध प्लांट की बावल ले जाने की योजना पर फ़िलहाल तो अपने प्रयासों से रुकवा दिया है।

क्योकि वीटा दूध प्लांट को अब बल्लबगढ़ से नहीं बदला जाएगा इस पर सहकारिता राज्यमंत्री डॉक्टर बनवारीलाल ने एक बयान जारी करके अपनी मोहर लगा दी है।सहकारिता राज्य मंत्री डॉक्टर बनवारीलाल का बयान आने के बाद पशुपालकों की आजीविका पर आया संकट टल गया है।

मालूम हो कि 2 दिन पहले बल्लभगढ़ की विधायक और परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने भी वीटा दूध प्लांट को जिले से बाहर ना ले जाने का बयान दिया था अब सहकारिता मंत्री का ऐसा अभियान आने के बाद हजारों को दूध उत्पादकों ने राहत की सांस लेते हुए उनके दर्द की आवाज को उठाने पर करण सिंह दलाल गिरीश भारद्वाज का धन्यवाद किया है तो वहीं यह निर्णय बदले जाने पर सहकारिता मंत्री के साथ-साथ परिवहन मंत्री का भी आभार जताया है।

तो वहीँ परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा द्वारा रविवार को वीटा दुग्ध प्लांट को बावल बदलने की बजाय आइएमटी या तिगांव- पृथला के किसी गांव में लगाने के बयान को पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने जल्दबाजी में दिया हुआ बताया था। उन्होंने मुकेश कालोनी स्थित गिरीश भारद्वाज के कार्यालय में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में बावल के बिदावास गांव में वीटा प्लांट लगाने संबंधी तैयार कागजात दिखाते हुए कहा था कि पंचायत से आन रिकार्ड 17 एकड़ जमीन ली जा चुकी है। ये आन रिकार्ड बोर्ड आफ डायरेक्टर्स को भेजे एजेंडा में शामिल है।

पूर्व मंत्री कर्ण दलाल ने कहा था कि नियम के अनुसार प्लांट को बदलने के लिए पहले प्रस्ताव बोर्ड आफ डायरेक्टर्स से पास कराना चाहिए था, जबकि सरकार ने एजेंडा बनाकर पास करके बोर्ड आफ डायरेक्टर्स से पारित करने के लिए भेजा है। दलाल ने आरोप लगाया था कि प्लांट के सीइओ के पद पर ईमानदार अधिकारी की नियुक्ति की जानी चाहिए। इन सभी तथ्यों को लेकर 15 दिन बाद राज्यपाल को ज्ञापन देने की बात कही गयी थी।


विशेष रूप से बता दें कि बल्लबगढ़ से वीटा दुग्ध प्लांट के शिफ्ट करने के इस मुद्दे को कांग्रेस नेता गिरीश भारद्धाज द्धारा उठाये जाने के बाद इस मुद्दे ने सियासी रंग ले लिया था। प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कांग्रेस नेता करण सिंह दलाल ने इसे लेकर खट्टर सरकार को घेरना शुरू कर दिया था.उनका कहना है कि सरकार इस प्लांट को बावल (रेवाड़ी) के बिदावास गांव में स्थानांतरित किया जा रहा था.

पूर्व विधायक करण दलाल ने यह सवाल किया था कि क्या फरीदाबाद के इस प्लांट को वावल इसलिए शिफ्ट किया जा रहा था क्योंकि हरियाणा के सहकारिता मंत्री बनवारी लाल बावल से ही विधायक हैं.

 

 

 

LEAVE A REPLY