पत्रकार पर जानलेवा हमला,पुलिस ले रही हल्के में

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आजतक खबरें,बल्लबगढ़:-अंग्रेजी में कहावत है – पेन इज माइटियर देन स्वॉर्ड यानी कलम तलवार से अधिक शक्तिशाली है.लेकिन अब बिहार,उत्तर प्रदेश के बाद शायद हरियाणा प्रदेश में भी कलम से ज्यादा ताकतवर हैं प्रशासन,पुलिस और अपराधी.ये अक्सर पेन की निब तोड़ देते हैं.

उत्तर प्रदेश में सरकार कोई सी भी रही हो,लेकिन पत्रकारों को धमकाने, पीटने और हत्या के मामलों में कोई कमी नहीं आई है.लेकिन अब योगी सरकार की सख्ती से माहौल बदल रहा है तो इसके उलट हरियाणा में पत्रकारों पर हमले की घटनाएं सुनाई देने लगी हैं।

ताजा मामला है फरीदाबाद के बल्लबगढ़ शहर का है, जहां पत्नि के साथ शाम को घर के बाहर टहल रहे एक पत्रकार पर बदमाशों ने सरियों, डंडों धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया।

हमलावर बल्लभगढ़ की हरिविहार कालोनी का बताया जा रहा है जो अवैध शराब, सट्टेबाजी और कालगर्ल सप्लाई करने का धंधा करता है।बताया जा रहा है कि इस आदमी पर पहले भी कई मुकदमे दर्ज हैं।इसके घर पर कार्लगर्ल सप्लाई करने के सिलसिले मे कई बार रेड भी हो चुकी है।

पत्रकार की पत्नि व बुआ से भी मारपीट और बदतमीजी की गई। पड़ोसियों ने गम्भीर रूप से घायल पत्रकार को हास्पिटल पंहुचाया जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

मजे की बात ये है कि 100 नंबर ,और दुर्गा शक्ति पर चार पांच बार फोन करने बावजूद कोई नही आया।

आदर्श नगर पुलिस चौकी मे कंप्लेंट रात तीन बजे दे दी गई थी जिस पर कोई कारवाई नहीं हुई।

 प्राप्त सुचना के अनुसार देर रात तक पुलिस की तरफ से कोई क़ानूनी करवाई नहीं की गयी है।

बतादें जहाँ हाल ही में शहर के एक वरिष्ठ पत्रकार को मिली जानलेवा धमकी,पिछले दिनों शहर में पत्रकार के बेटे की हत्या,प्रदेश में पत्रकारों पर बढ़ रहे हमले तो दूसरी तरफ पत्रकारों को ले पुलिस की बेरुखी से प्रदेश का पत्रकारों में रोष बढ़ रहा है तो वहीं 2013 से लेकर अभी तक उत्तर प्रदेश में 7 पत्रकारों की हत्या हो चुकी है.

मालूम हो राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के मुताबिक 2013 से अब तक देश में पत्रकारों पर सबसे ज्यादा हमले उत्तर प्रदेश में हुए है. 2013 से लेकर अब तक उत्तर प्रदेश में पत्रकारों पर हमले के 67 केस दर्ज हुए हैं. दूसरे नंबर पर 50 मामलों के साथ मध्य प्रदेश और तीसरे स्थान पर 22 हमलों के साथ बिहार है.

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