कांग्रेस महिला विधायक ने उठाई हाई कमान नेत्रत्व पर ऊँगली

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आजतक खबरें,अहमदाबाद: लोकसभा चुनाव से पहले गुजरात में कांग्रेस एक बार फिर टूटती दिख रही है।यहां इस विपक्षी पार्टी के 5-7 विधायकों ने इस्तीफा देने का फैसला किया है।

लोकसभा चुनाव के पहले कांग्रेस को यह बड़ा झटका लगा है।डॉ. आशाबेन पटेल ने शनिवार सुबह विधानसभा अध्यक्ष राजेन्द्र त्रिवेदी से मिलकर उनको अपना इस्तीफा सौंप दिया है।विधानसभा अध्यक्ष ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है।

गुजरात में कांग्रेस के प्रदेश आलाकमान से विधायकों की नाराजगी के बीच कांग्रेस की विधायक डॉ आशाबेन पटेल ने इस्तीफा दे दिया है।उत्तर गुजरात की ऊंझा सीट से चुनाव जीतने वाली डॉ आशा पटेल पहली बार विधायक बनी थी।गुजरात के पटेल समुदाय में उनकी अच्छी पकड़ है तथा सामाजिक कार्यकर्ता के रुप में उनकी पहचान है।

कांग्रेस की ऊंझा सीट से आशाबेन ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता नारायण भाई पटेल को 19 हजार से भी अधिक मतो से चुनाव हराया था।विधायक पद से इस्तीफा देने का निश्चित कारणों का अभी तक नहीं चल पाया है।लेकिन उनके बीजेपी में शामिल होने की चर्चा जोरो पर है।

वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जीतू भाई वाघाणी ने कांग्रेस पर प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस से जनता दुःखी है।राहुल गांधी के नेतृत्व पर विधायकों ने सवाल पैदा किये है।कांग्रेस में सक्षम नेताओं का हमेशा से नजर अंदाज किया जाता है। इससे दुःखी आशाबेन पटेल ने विधायक पद से इस्तीफा दिया है।

बतादें पाटीदारो की कड़वा उपजाति (जिससे पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल भी आते हैं)के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थल तथा जीरा और मसाला व्यवस्थाय का विश्वख्यात केंद माने जाने वाले ऊंझा क्षेत्र की विधायक के इस्तीफे को स्वीकार किये जाने की विधानसभा अध्यक्ष राजेन्द त्रिवेदी ने पुष्टि की।

श्रीमती पटेल ने बाद में पत्रकारों से कहा कि उन्होंने कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी तथा जनता से जुड़ मुद्दों के प्रति पार्टी और इसके आलाकमान की उदासीनता से उब कर यह कदम उठाया है।हालांकि इस्तीफे के बाद उनकी ओर से केंद्र,की मोदी सरकार की तारीफ किये जाने से इस तरह की अटकलें लगायी जा रही हैं कि वह आगामी लोकसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ भाजपा में शामिल हो सकती हैं।

इस बीच, उनके इस्तीफे के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महेसाणा के सरदार चौक पर उनका पुतला जलाया।उधर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ ने भाजपा पर उसके विधायकों को प्रलोभन देकर तोड़ने का आरोप लगाया।

उधर,मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने इस प्रकरण को कांग्रेस का अंदरूनी मामला बताया और कहा कि यह सब पार्टी की गुटबाजी के कारण हो रहा है।उपमुख्यमंत्री नीतिन पटेल ने कहा कि श्रीमती पटेल ने स्वयं कहा है कि पार्टी में उनकी बात नहीं सुनी जा रही थी और उन्हें यथोचित सम्मान नहीं मिल रहा था।

ज्ञातव्य है कि श्रीमती पटेल के इस्तीफे के साथ ही 182 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों की संख्या घट गयी है। इससे पहले कांग्रेस के ही कुंवरजी बावलिया ने इस्तीफा दिया था।वह भाजपा में शामिल होकर मंत्री बनाये गये थे और अपनी सीट जसदन में हुए उपचुनाव मे भाजपा प्रत्याशी के तौर पर जीत भी गये थे।सदन में भाजपा विधायकों की कुल संख्या 100 है।

गुजरात कांग्रेस के कुछ विधायक लोकसभा चुनाव से पहले ही पार्टी के लिए सिरदर्द बन गए हैं।एक के बाद एक कई नेताओं ने इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया है।पार्टी की इस स्थिति को भांपते हुए कांग्रेस मुखिया राहुल गांधी ने गुजरात में कांग्रेस के इंचार्ज को लेकर सोचना शुरू कर दिया है।

 

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