राजनैतिक शह-मात के फेर में फंसे वन अधिकारी

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आजतक खबरें,फरीदाबाद:अब इसे समय का फेर कहे या आने वाले इलेक्शन की आहट,एकाएक फरीदाबाद की राजनीति अंगड़ाई लेते हुए नीति-अनीति की राह पर चल पड़ी है।अब आने वाले चुनाव को ध्यान में रख शह मात का खेल शुरू हो गया है।

ताजा क्रम में पिछले हफ्ते अवैध कब्जे को लेकर बडख़ल विधानसभा में पिछली बार चुनाव टिकट मांग रहे एक उम्मीदवार पर हुई क़ानूनी कार्यवाही लगातार राजनैतिक गलियारे में चर्चा का विषय बनी हुई है।जिसमे वन विभाग के एक अधिकारी ने पेड़ काटने के आरोप में पिछले विधांनसभा चुनाव में बडख़ल से भाजपा की टिकट मांग रहे भाजपा नेता,उनके भाई और कई रिश्तेदारों के खिलाफ कई धाराओं के तहत सूरजकुंड थाने में मामला दर्ज करवाया था,जिसकी जांच पुलिस द्धारा की जा रही है।

दुर्भाग्य की बात ये कि जिस वन विभाग को हमे जिन्दा रखने के लिए पेड़ो को बचाने की जिम्मेदारी दी गयी है वो वन अधिकारी भी इस राजनैतिक शहमात के खेल के मोहरें बन गए हैं।देखने वाली बात ये है कि अब वो अधिकारी वृक्ष बचाएँगे या क़ानूनी कार्यवाही के तहत कोर्ट के चक्कर काटेंगे।


उक्त घटना को ले वन अधिकारियों की तरफ से अपने ऊपर दर्ज करवाए गए मुकदमे की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आज भाजपा के पूर्व बडख़ल मंडल अध्यक्ष गजेंद्र भड़ाना और उनके भाई देवेंद्र भड़ाना ने मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर से मुलाकात की।
बतादें,इसी मामले की निष्पक्ष जांच करवाने को लेकर भाजपा नेता ने जिला वन अधिकारी को लिखित में शिकायत भी दी है जिसमे भाजपा नेता ने बताया है कि उन पर हुए मुकदमे से उनका कोई लेना-देना नहीं है,क्योंकि जिस दिन की यह पूरी घटना बताई गयी है उस दिन वह मौके पर मौजूद ही नहीं थे।

गजेंदर भड़ाना का कहना है कि पुलिस अगर उनकी मोबाइल लोकेशन निकलवाए,दूध का दूध-पानी का पानी हो सब पता चल जायेगा।इस पूरे मामले में उनका नाम किसी षड्यंत्र के तहत लिखवाया गया है।ताकि उनके राजनीतिक कॅरिअर को खराब किया जा सके।

गजेंदर भड़ाना ने बताया कि यह पूरी घटना 8 तारीख की है,तो वन अधिकारी ने पुलिस में मामला 19 तारीख को क्यों दर्ज करवाया।उन्होंने कहा कि इस मामले मेंउन्हें षड्यंत्र के तहत किसी बड़े अधिकारी या नेता का हाथ होने की आशंका है,जिसका वह जल्द ही खुलासा करेंगे।

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