जगन्नाथ मंदिर की होगी भव्य रथ यात्रा

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आजतक खबरें,फरीदाबाद :   क्टर-15ए स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से शनिवार को भव्य तरीके से भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जा रही है। पवित्र रथ यात्रा के लिए मंदिर कमेटी की तरफ से जोर शोर से तैयारियां की जा रही है। पवित्र यात्रा के लिए भगवान का भव्य रथ तैयार हो चुका है। अन्य तैयारियां भी करीब पूरी हो चुकी है। इस बार फरीदाबाद के अलावा दिल्ली एनसीआर के शहरों से भी हजारों लोग इस रथ यात्रा में हिस्सा लेंगे।

अपनी संस्कृति से जुड़े रहने का जरिया है
श्री जगन्नाथ मंदिर के फाउंडर मेंबर एवं सलाहकार केसी मोहंती ने बताया कि रोजगार के चक्कर में उड़ीसा के हजारों मूल निवासी अपनी धरती से दूर यहां औद्योगिक नगरी में रह रहे हैं। हर साल जगन्नाथ पुरी में निकाली जाने वाली भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा उड़ीसा वासियों के लिए एक धार्मिक आयोजन के द्वारा अपनी संस्कृति से जुड़े रहने का एक जरिया है।

प्रत्येक व्यक्ति के लिए हर साल रथ यात्रा में हिस्सा लेने के लिए उड़ीसा जाना संभव नहीं होता। जिसके कारण वर्ष 1985 में यहां रह रहे उड़ीसा के मूल निवासियों ने आपस में मिल कर सेक्टर-15ए में श्री जगन्नाथ मंदिर की नींव रखी थी। मंदिर के निर्माण के बाद कई साल पहले यहां भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा निकालने की शुरूआत की गई। पिछले दो सालों से व्यापक स्तर पर रथ यात्रा निकालने का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। गत वर्ष से रथ यात्रा में करीब 20 हजार से ज्यादा लोग इसमें हिस्सा ले रहे हैं। इस बार और भी ज्यादा लोगों के जुटने की संभावना है।

25 फुट ऊंचे रथ पर निकलेगी भगवान की यात्रा
मंदिर कमेटी के सदस्य रविंद्र नाथ घोष ने बताया कि भगवान जगन्नाथ की यात्रा निकालने के लिए यहां 25 फुट ऊंचा भव्य रथ तैयार किया गया है। रथ के आगे लकड़ी से बने चार काले और चार सफेद रंग के घोड़े जोते जाएंगे। रथ पर भगवान जगन्नाथ, उनकी बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र को विराजमान करने के लिए सुंदर सिंहासन तैयार किया है। रथ के आगे लोगों के खींचने के लिए लंबी रस्सी लगाई जाएगी। मान्यता है कि रथ यात्रा में भगवान के दर्शन करने वाले व्यक्ति को मोक्ष की प्रप्ति हो जाती है।

सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं : श्री जगन्नाथ मंदिर कमेटी के अध्यक्ष पीकेएमके दास ने बताया कि रथ यात्रा की सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। रथयात्रा 14 जुलाई को मंदिर से शुरू होकर सेक्टर-17 स्थित लेबर चौक पर पहुंचेगी। 21 जुलाई तक वहीं रथ यात्रा रूकी रहेगी। वहां हर रोज पूजा अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। 22 जुलाई रविवार को रथयात्रा वापस मंदिर लौट आएगी।

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