देर रात घटनाक्रम तेजी से बदल गया जम्मू-कश्मीर में

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आजतक खबरे,जम्मू-कश्मीर : वादी के महत्वपूर्ण संस्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों की चौकसी बढ़ा दी गई है।चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात हैं।राज्य के सभी जिलों में तमाम शिक्षण संस्थान अगले आदेश तक बंद कर दिए गए हैं। अनुच्छेद-370 और 35 ए पर छिड़ी चर्चाओं के बीच जम्मू-कश्मीर में रविवार को देर रात घटनाक्रम तेजी से बदल गया।

इंटरनेट सेवाओं को भी बंद करने के साथ ही श्रीनगर में धारा 144 लगा दी गई है।

कश्मीर के अलावा जम्मू संभाग के भी सभी जिलों में अगले आदेश तक स्कूल बंद कर दिए गए हैं। जिला उपायुक्त जम्मू सुषमा चौहान और ऊधमपुर के डीसी पीयूष सिंगल ने इसकी पुष्टि की। सोमवार को निजी और सरकारी स्कूल बंद रहेंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को उनके घरों में नजरबंद कर लिया गया। कई नेताओं को या तो हिरासत में ले लिया गया या फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच आपात बैठक बुलाई,जिसमें पुलिस और प्रशासन के बड़े अफसर शामिल हुए। इसमें राज्यपाल ने मुख्य सचिव को घटना पर नजर रखते हुए हर घंटे रिपोर्ट देने के लिए कहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आशंका जताई कि उन्हें और मुख्य धारा के अन्य नेताओं को सरकार रात को घरों में नजरबंद किया जा रहा है।हालांकि उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि क्या होने वाला है लेकिन हमें शांत रहना होगा।मैंने अभी तक उम्मीद नहीं छोड़ी है।उन्होंने लिखा कि उन्हें नहीं जानकारी कि क्या होने वाला है लेकिन उन्हें विश्वास है कि अल्लाह ने जो भी सोचा होगा,सभी की भलाई के लिए ही होगा।

महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट किया कि मुझे घर में देर रात नजरबंद कर दिया गया है। इस ट्वीट से पूर्व उन्होंने लिखा कि इस मुश्किल घड़ी में क्या होगा,उन्हें जानकारी नहीं, लेकिन एक बात साफ है कि हम एकजुट हैं और मिलकर संघर्ष करेंगे।

महबूबा ने आगे कहा कि जिन लोगों ने हम पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाया है, उन्हें पता है कि हमारा डर गलत नहीं है। नेताओं को नजरबंद किया गया है, इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया है और जबर्दस्ती धारा 144 लगाई गई है। यह सामान्य नहीं है।

 

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