महाराणा प्रताप को बचपन में कीका के नाम से पुकारा जाता था : हृदयेश सिंह

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आजतक खबरे,फरीदाबाद(4 अगस्त 2019):हल्दीघाटी के युद्ध में न तो अकबर जीत सका और न ही राणा हारे.मुगलों के पास सैन्य शक्ति अधिक थी तो महाराणा प्रताप के पास जुझारू शक्ति की कोई कमी नहीं थी.अकबर और राणा के बीच यह युद्ध महाभारत युद्ध की तरह विनाशकारी सिद्ध हुआ था.उक्त जानकारी अखिल भारतीय मानव कल्याण ट्रस्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष (महिला मोर्चा)सुबलेश मलिक ने तिरखा कॉलोनी बाईपास रोड पर झुग्गीयों में पढ़ाई करने वाले बच्चों को बच्चों खीर व् मिठाई बाटते हुए जानकारी दी।

अखिल भारतीय मानव कल्याण ट्रस्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष(महिला मोर्चा) सुबलेश मलिक ने  बताया कि हल्दीघाटी का युद्ध मुगल बादशाह अकबर और महाराणा प्रताप के बीच 18 जून, 1576 ई. को लड़ा गया था.सुबलेश मलिक ने  बताया कि हल्दी घाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप के पास सिर्फ 20000 सैनिक थे और अकबर के पास 85000 सैनिक. इसके बावजूद महाराणा प्रताप ने हार नहीं मानी और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करते रहे.महाराणा प्रताप का सबसे प्रिय घोड़ा चेतक था. महाराणा प्रताप की तरह ही उनका घोड़ा चेतक भी काफी बहादुर था.

अखिल भारतीय मानव कल्याण ट्रस्ट व शिक्षा चिकित्सा सेवा भारती द्वारा बच्चों को मेवाड़ के शासक और महाराणा प्रताप की जीवन पर वरिष्ठ भाजपा नेता सूरज मान ने प्रकाश डालते हुये बताया कि मेवाड़ के शासक और महाराणा प्रताप के पिता राणा उदयसिंह का जन्म 4 अगस्त 1522 ई. को हुआ था।

अखिल भारतीय मानव कल्याण ट्रस्ट राष्ट्रीय महामंत्री हृदयेश सिंह ने बताया कि जब युद्ध के दौरान मुगल सेना उनके पीछे पड़ी थी तो चेतक ने महाराणा प्रताप को अपनी पीठ पर बैठाकर कई फीट लंबे नाले को पार किया था.आज भी चित्तौड़ की हल्दी घाटी में चेतक की समाधि बनी हुई है.

राष्ट्रीय महामंत्री हृदयेश सिंह ने बताया कि महाराणा प्रताप को बचपन में कीका के नाम से पुकारा जाता था.भारतीय इतिहास में प्रसिद्ध मराठा वीर सदाशिवराव भाऊ का जन्म भी 4 अगस्त 1730 ई. को हुआ था।

इस मौक़े पर हलुआ पूड़ी और सब्जी बाँट कर बच्चों का उत्साह बढ़ाया।

इस मौक़े पर अखिल भारतीय मानव कल्याण ट्रस्ट के राष्ट्रीय महासचिव महेश शर्मा सलाहकार जीतेन्द्र कुमार ,
राष्ट्रीय अध्यक्ष (महिला मोर्चा ) सुबलेश मलिक, सुष्मिता संगीता नेगी विमलेश देवी और नमो नमो मोर्चा के जिलाध्यक्ष बबलू चौधरी,सीही मण्डल अध्यक्ष पवन सौरोत,राष्ट्रीय महासचिव महेश शर्मा, राष्ट्रीय प्रभारी धर्मेंद्र चौधरी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कुंवर लखन रावत, उपाध्यक्ष बंटी कोहली, राष्ट्रीय सचिव विक्की अनेजा सलाहकार जीतेन्द्र कुमार, नीरज कुमार, विमलेश देवी, अतुल राठौर, विपिन कुमार, टिंकू अग्रवाल, वशिस्ट सिंह और शिक्षा चिकित्सा सेवा भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश गोयल,भवि चंद, डॉ एम एस उपाध्याय समाज सेवी बहन राजबाला शर्मा, मंजू, राजेश, मनीषा देवी आदि बहुत से कार्य कर्ता उपस्थित रहे।

amit chaudhary
9891101000

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