कांग्रेस जैसी नगण्य ताकत की जरूरत नहीं,BJP को हराने के लिए मायावती-अखिलेश ही काफी

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आजतक खबरें,नई दिल्ली:BJP को हराने के लिए मायावती-अखिलेश ही काफी हैं और इसके लिए कांग्रेस जैसी नगण्य ताकत की जरूरत नहीं,ये कहना है सपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंद का।

सपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंद का कहना है कि अगले लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टी बसपा के साथ मिलकर भाजपा को हराने में सक्षमहै।हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि सपा-बसपा गठबंधन रायबरेली और अमेठी सीट से छेड़छाड़ नहीं करेगा।रायबरेली सोनिया गांधी और अमेठी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की संसदीय सीट है।दो दिन पहले दिल्ली में बसपा प्रमुख मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच सीटों के बंटवारे पर बातचीत हुई थी।

राज्य की वाम मोर्चा सरकार में लंबे समय तक मंत्री रहे नंद ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश में कांग्रेस एक नगण्य ताकत है।इसलिए गठबंधन में उसे शामिल करने या नहीं करने के मुद्दे पर विचार तक नहीं किया गया।वहां सपा-बसपा ही मुख्य ताकतें हैं। कांग्रेस राज्य में एक दो सीटें जीत सकती है।कांग्रेस अब तक गठजोड़ की राजनीति के मंत्र से तालमेल नहीं बिठा सकी है।

नंदा के मुताबिक कांग्रेस अभी भी ‘गठबंधन राजनीति’ के मंत्र के हिसाब से नहीं ढल पाई है क्योंकि वह अपने सहयोगियों के लिए उन राज्यों में एक इंच भी छोड़ने के लिए तैयार नहीं जहां वह मजबूत है लेकिन जहां वह कमजोर है वहां दूसरों से अपने लिए बड़ा हिस्सा छोड़ने की उम्मीद करती है।

नंदा ने बताया, ‘उत्तर प्रदेश में कांग्रेस अनावश्यक ताकत है इसलिए हम उसे शामिल करने या बाहर रखने के बारे में सोच ही नहीं रहे हैं. राज्य में सपा-बसपा गठबंधन मुख्य ताकत है तो भाजपा का सामना करेंगे. कांग्रेस एक या दो सीट पर हो सकती है. यह फैसला लेना कांग्रेस पर है कि वह अपने आप को कहां देखना चाहती है.’

हाल में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए सपा नेता ने कहा कि अगर कांग्रेस ने राजस्थान और मध्य प्रदेश में सपा और बसपा के साथ गठबंधन किया होता तो वहां भाजपा का सूपड़ा साफ हो जाता।क्या कांग्रेस को गठबंधन से बाहर रखने की स्थिति में भाजपा को फायदा नहीं होगा? इस सवाल पर सपा नेता ने कहा कि कांग्रेस के वोटों का हिस्सा बहुत कम है।इसलिए इससे सपा-बसपा को कोई नुकसान नहीं होगा।

विपक्षी गठबंधन की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में पूछे जाने पर नंदा ने कहा कि इस बारे में फैसला चुनाव के बाद आम सहमति से किया जाएगा.

लोकसभा चुनावों से पहले सीट बंटवारे पर अंतिम फैसला लेने के लिए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती और समाजवादी पार्टी (सपा) नेता अखिलेश यादव के बीच बातचीत तेज होने संबंधी खबरों के बाद नंदा की यह टिप्पणी आई है. दोनों नेताओं ने शुक्रवार को नयी दिल्ली में मुलाकात की थी.

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