मंत्री के गांव सहित पड़ोसी गावों को मिली भाजपा सरकार की बड़ी सौगात,जानिए क्या

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आजतक खबरें,फरीदाबाद(अमित चौधरी): इस ग्रामीण क्षेत्र का जलवा ही कुछ ऐसा है कि जहाँ एक ओर जनता ने देश की सबसे बड़ी पचांयत में भाजपा से बड़े नेता जी को लगातार दूसरी बार सांसद चुन कर भेज दिया तो दूसरी ओर यहाँ की जनता ने पिछली भाजपा हरियाणा सरकार में पर्यावरण मंत्री जी के समर्थित नेता को भाजपा से इस बार विधायक बना राज्यसभा के दर्शन करवा दिए।तो वहीं इस ग्रामीण क्षेत्र के साथ लगती दोनों फरीदाबाद व् बल्लबगढ़ विधानसभा से भी जनता ने कमल के फूल की महक फैला दी।

ये शायद सद्पुरा या साथ लगते नीमका,मुजेड़ी,सीही,मिर्ज़ापुर,बड़ोली,बुढ़ैना के चमत्कारिक पानी का ही असर रहा होगा जिसने पहले भी प्रदेश स्तर के नेता व् विधायक दिए तो इस बार लगातार दूसरी बार विधायक बनने पर यहाँ के लाल ने सरकारी लाल बत्ती वाली गाड़ी प्रदेश में ही घुमा दी।

इस ग्रामीण क्षेत्र की जनता का कमल प्रेम देख भाजपा सरकार ने भी कोई छोटा मोटा तोफा न दे कर बड़ी सौगात देते हुए एक पूरा कूड़े का पहाड़ ही तोफे में दे दिया है।जो निश्चित ही आने वाले विधानसभा तक कमल की महक के साथ सड़े कूड़े की बधबू का एहसास कराएगा।

सरकार ने सेक्टर 75 के सामने मास्टर मास्टर रोड स्थित मिर्ज़ापुर गांव के साथ लगती सीही गांव के रकवे की 12 एकड़ जमीन पर फरीदाबाद-गुड़गांव रोड स्थित बंधवाड़ी प्लांट का आधा हिस्सा यहाँ शिफ्ट करने का प्लान बनाते हुए यहाँ लैंडफिल साइट बनाने का आदेश दे दिया है जिसका काम भी जोर शोर से चालू भी हो गया है।

अपने जिस बीपीटीपी,सद्पुरा,नीमका,मुजेड़ी,सीही,मिर्ज़ापुर,बड़ोली,बुढ़ैना फज्जूपुर,बल्लबगढ़,सेक्टर 3,7,8,9,10,11 आदि जैसे रिहाइश इलाके में रहने पर हम इतराते हैं।यहां रहने में नाज करते हैं।उसकी सूरत अब खराब होने जा रही है।इसकी आबो-ए-हवा दिन प्रतिदिन बिगड़ने जा रही है।यह पहाड़ आने वाले समय में लगभग 7-10 किलोमीटर तक रहने वाली जनता को अपनी बधबू भरी हवा का तो एहसास कराएगा ही साथ ही अपने कारण होने वाले दूषित जहरीले पानी का भी योगदान देगा।

मालूम हो कि फरीदाबाद-गुड़गांव रोड स्थित बंधवाड़ी प्लांट से लीचेट वॉटर(कूड़े से निकलने वाला दूषित पानी) बाहर आता रहता है।यह अरावली तक पहुंच गया है।इससे भूजल और पर्यावरण पर विपरीत असर पड़ रहा है।मांगर गांव नगर निगम क्षेत्र से बाहर है।यहां के लोग भूजल पर ही आश्रित हैं।लोगों का आरोप है कि दूषित पानी से ग्रामीण भी बीमार पड़ रहे हैं।कैंसर जैसी बीमारी से ग्रस्त हो रहे हैं।

फरीदाबाद-गुड़गांव में डोर-टु-डोर कूड़ा कलेक्शन का काम ईकोग्रीन कंपनी कर रही है।हर रोज दोनों जिलों का लगभग 1000 टन कूड़ा प्लांट तक पहुंचता है। प्लांट में कूड़े से बिजली बनाने का संयंत्र नहीं लगा है।इससे वहां कूड़े का पहाड़ बन गया है।निगम के अनुसार, फिलहाल वहां कई लाख टन कूड़ा जमा है।ट्रीटमेंट शुरू नहीं होने से अब यह सड़ने लगा है।इससे जहरीला पानी निकलकर अरावली में पहुंच रहा है।

बतादें दिल्ली में भी कूड़े के पहाड़ दिल्ली के हजारों लोगों की जिंदगी में जहर घोल रहे है।लैंडफिल के आसपास की कालोनियों में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ चुका है।इससे भूजल भी दूषित हो चुका है। इसे गंभीरता से लेते हुए नगर निगम ने इस भूजल के उपयोग पर रोक लगा रखी है और लगे हैंडपंपों पर लिख दिया है कि पानी पीने के योग्य नहीं है।वहीं लैंडफिल से कई जहरीली गैस निकलती है और लोगों को सांस लेने में भी परेशानी होती है।

इस सब के पीछे का कारण कूड़ा के निस्तारण की ठीक व्यवस्था न होना है। दिल्ली की चार लैंडफिलों में से एक भी लैंडफिल व्यवस्थित तरीके से इंजीनियरिंग लैंडफिल साइट नहीं बनाई गई और न ही कभी कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था की गई।अनियोजित व्यवस्था के चलते आज गतिरोध यह यह खड़ा हो गया है कि अब कूड़ा कहां डालें क्योंकि लैंडफिल साइटों पर जगह ही नहीं बची है।अव्यवस्था और प्रदूषण के कारण आसपास के लोग भी इस बात का विरोध कर रहे हैं कि लैंडफिलों को आगे नहीं जारी रखा जाए और नई लैंडफिल साइट या कोई प्लांट उनके इलाके में नहीं लगे।

विरोध यहां तक है कि जो लैंडफिल साइटें चल रही हैं उन्हें भी बंद कराने की मांग उठ रही है। क्योंकि लैंडफिलों के आसपास का वायुमंडल प्रदूषित हो रहा है और लैंडफिलों के आसपास दो किलोमीटर तक भूजल खराब हो गया है। भलस्वा, गाजीपुर आदि ऐसे क्षेत्र में जहां लैंडफिल के आसपास रहने वाले लोग विभिन्न प्रकार की बीमारियों से ग्रस्त हैं। ये लोग मांग कर रहे हैं कि लैंडफिल साइट हटनी चाहिये।

अब यह बात समय के गर्त में है कि भाजपा का यह पहाड़ यहाँ क्या गुल खिलायेगा।शहर के कूड़े की व्यवस्था ठीक करेगा या आने वाले चुनाव में भाजपा की बत्ती गुल।

 

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