रजिस्थानी समाज ने उल्लास से मनाया गणगौर उत्सव

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आजतक खबरें,बल्लभगढ़: गणगौर राजस्थान एवं सीमावर्ती मध्य प्रदेश का एक त्यौहार है जो चैत्र महीने की शुक्ल पक्ष की तीज को आता है।इस दिन कुवांरी लड़कियां एवं विवाहित महिलायें शिवजी(इसर जी) और पार्वतीजी(गौरी)की पूजा करती हैं उक्त जानकारी मारवाड़ी समाज फ़रीदाबाद सेक्टर 28 रघुनाथ मंदिर में राजस्थानी परिवार द्धारा आयोजित गणगौर उत्सव के मौके पर गणगौर शोभा यात्रा के दौरान शहर में रजिस्थानीसमाज को एकजुट करने में लगे हुए युवा समाजसेवी विमल खंडेलवाल ने उत्साहित होते हुए आजतक खबरें की टीम के साथ साझा की।

विमल खंडेलवाल ने बताया कि पूजा करते हुए दूब से पानी के छांटे देते हुए गोर गोर गोमती गीत गाती हैं।गणगौर की स्थापना होली के दिन की जाती है।इसके बाद अठारह दिनों तक रोज सुबह-शाम इसे पूजा जाता है।इसमें माहेश्वरी व मारवाड़ी समुदाय की कुँवारी लड़कियों व नई-नवेली दुल्हनों के लिए हर रोज ही किसी उत्सव से कम नहीं है।अच्छे पति की कामना से गणगौर तैयार कर रोज पूजा करने का सिलसिला होली के दिन से ही शुरू हो जाता है।

रजिस्थानी समाज से ही अन्य महिला सदस्य विमल जायस ने महत्पूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि पहले महिलाएँ व युवतियाँ घर पर ही मिट्टी से गणगौर की मूर्ति गढ़ती थीं,लेकिन अब मार्केट में रेडीमेड गणगौर मिलने लगे हैं।

 विमल जायस ने बताया कि गणगौर रखने वाली लड़कियों के घर में एक उत्सव का माहौल बन जाता है।कुंवारी लड़कियां पूजा करते हुऐ दुब और पानी के छींटे देते हुये “गौर ये गणगौर माता खोल किंवाड़ी” गीत गाती हैं और मनपसंद वर पाने के लिये गौरी से प्रार्थना करती हैं।इस दौरान गाना,बजाना,नाच होता है।गणगौर उत्सव मस्ती का पर्व है।गेहूँ के ज्वारे के साथ इसर,गणेशजी की पूजा करते हैं।इनको रोजाना गीत गाकर भोग लगाते हैं और पानी पिलाते हैं।16 श्रृंगार कर और बिनोरा निकालती हैं।अठारह दिनों तक गणगौर पूजने के बाद आखिरी दिन पक्की रसोई बनाकर प्रसाद चढ़ाया जाता है।आखिरी दिन सुबह से ही घर में उत्सव सा माहौल रहता है।घर में पक्की रसोई के तौर पर खीर,पुड़ी,सीरा बनाकर उसे प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है। इस दिन कई जगहों पर गणगौर प्रतियोगिता भी रखी जाती है।इसमें युवतियाँ व महिलाएँ अपनी गणगौर पर सजाकर प्रतियोगिता में हिस्सा लेती हैं। इसके बाद मंदिर या गार्डन में इसे घुमाकर तालाब में विसर्जन किया जाता है।गोमती गीत गाती हैं।

बतादें माहेश्वरी महिला मंडल की अध्यक्षा नीतू भूतड़ा की अगुवाई में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गणगौर की भव्य शोभायात्रा निकाली जो सेक्टर ७ से शुरू होकर सेक्टर १५, सेक्टर १८, से होकर सेक्टर २८ पहुंची, जिसका राजस्थानी समाज  ने भव्य स्वागत किया

मौके पर राजेंद्र मुंद्रा  ने बताया की ऐसे सामाजिक कार्य होते रहने चाहिए जिससे समाज कि इस संस्कृति को जीवित रखा जा सके और आने वाली पीढ़ी भी अपनी संस्कृति अपनी धरोहर की पहचान को संजोकर रख सकें।

मौके पर मारवाड़ी समाज के गणमान्य डी के महेश्वरी,राजेंदर मुंधरा,विमल खंडेलवाल, मधुसुधन माटोलिया, विमल महेश्वरी,कमल सेवदा,वेद प्रकाश खंडेलवाल,सुशील नेवर, नी प्रमोद माहेश्वरी,राकेश सोनी,विनोद बिहानी,संगीता आगीवाल,कंचन महेश्वरी,सम्पत शर्मा,बबीता,उमाशंकर माहेश्वरी आगीवाल,श्रद्धा गोयनका ,कंचन गुप्ता,समाज के महिलाएं बच्चे,गणमान्य व्यक्ति व काफी संख्या मंडल के पदाधिकारी मौजूद रहे |

 

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