समाज सहयोग समिति ने छबील में नारियल पानी पिला कर की बदलाव की एक कोशिश

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आजतक खबरें,फरीदाबाद :सभी एकादशियों में सर्वश्रेष्ठ है निर्जला एकादशी।इस दिन निर्जला व्रत रखने से 24 एकादशियों का पुण्य प्राप्त होता है।एकादशी पर मंदिरों व गुरुद्वारों में ही नहीं धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं की ओर से भी छबील लगाकर लोगों को मीठा पानी पिलाया जाता है।

निर्जला एकादशी के पावन पर्व पर शहर की सड़कों पर श्रद्धालुओं ने छबील लगा मीठा जल व् पिलाकर गर्मी से लोगों को राहत दिलाई।इस अवसर पर कई संस्थाओं ने शरबत और पानी पिलाया।

निर्जला एकादशी के पावन पर्व पर शहर की प्रमुख संस्था समाज सहयोग समिति ने हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी तिगांव रोड सेक्टर 2 के चौक पर छबील लगाकर शीतल शर्बत व् 200 नारियल बाटें।साथ ही छबील पर लगभग 600 से 800 लोगों ने शर्बत पीया।

संस्था की प्रमुख सदस्य सोनू चौधरी ने बताया कि इधर कुछ सालों से यह पुण्य का काम पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का भी जरिया बनने लगा है,वजह केवल इतनी है कि लोग प्याऊ या छबील पर शरबत-पानी पिलाने के लिए प्लास्टिक के गिलास प्रयोग करने लगे हैं।हर साल शहर में बड़ी संख्या में छबील लगाई जाती हैं।प्लास्टिक के गिलासों में शरबत दिया जाता है,जिससे भारी मात्रा में कचरा इकट्ठा होता है।

सोनू चौधरी ने बताया कि शहर में हर वर्ष छबील के पावन पर्व पर जाने-अंजाने प्लास्टिक के गिलास इस्तेमाल कर सड़क पर फैंक प्रदूषण को बढ़ाने में अपना योगदान देते हैं उसी को ध्यान में रख संस्था ने प्लास्टिक के गिलास का प्रयोग न करने का फैसला लिया।

वहीं संस्था के अन्य प्रमुख सदस्य हरीश अहलावत ने कहा कि गर्मी के दिनों में लोगों को पानी पिलाने के लिए जगह-जगह छबील लगाने वाले लोगों को समाज सहयोग समिति संस्था की ओर से जागरूक भी किया गया है।

हरीश अहलावत ने बताया कि संस्था की ओर से इस बार पानी पिलाने के लिए प्लास्टिक के बजाए स्टील के गिलासों का इस्तेमाल किया गया वहीं शरबत के साथ साथ नारियल पिलाकर गर्मी से लोगों को राहत दिलाई।

इस मौके पर ट्रस्ट की संस्थापक, आयोजक के साथ गजना लाम्बा,डॉ विनोद कुमार,चद्रपाल,हरीश अहलावत,मीनू,सीमा,हिमानी,सुनित आदि सभी ने सफाई का भी विशेष ध्यान रखते हुए कूड़ेदान का उपयोग किया।

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