सुभाष यादव हुए रिटायर,झूमते हुए लड़खड़ाई जाँच :शराब घोटाला

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आजतक खबरें,चंडीगढ़ :जैसा कि कयास लगाए जा रहे थे कि एडीजीपी सुभाष यादव को सरकार तीन माह की एक्सटेंशन दे सकती है।लेकिन सीनियर आइइएस अधिकारी टीसी गुप्ता के नेतृत्व वाली स्पेशल इंक्वायर टीम (एसआईटी) के वरिष्ठ सदस्य एडीजीपी सुभाष यादव सेवानिवृत्त हो गए।30 व 31 मई को शनिवार तथा रविवार का अवकाश होने की वजह से उनकी सेवानिवृत्ति शुक्रवार को ही हो गई।एडीजीपी सुभाष यादव का कार्यकाल 31 मई तक था।


एडीजीपी सुभाष यादव की सेवानिवृत्ति होने के कारण हरियाणा में लाकडाउन में हुये के शराब घोटाले की जांच अधर में लटक गई है।

टीसी गुप्ता की इस कमेटी को शराब घोटाले की जांच रिपोर्ट भी ३१ मई को ही देनी थी,लेकिन न तो एडीजीपी सुभाष यादव को एक्सटेंशन मिल पाई और न ही टीसी गुप्ता की कमेटी अपनी रिपोर्ट तैयार कर सकी।ऐसे में यह जांच लंबे समय के लिए उलझ गई है।

बतादें अभी तक कई जिले अभी भी इस शराब घोटाले की जांच से अछूते हैं।टीसी गुप्ता कमेटी ने पुलिस विभाग और आबकारी एवं कराधान विभाग से कुछ जानकारियां मांग रखी हैं।यह जानकारी जुटाने में भी अभी समय लग सकता है।अब ये एडीजीपी सुभाष यादव की रिटायरमेंट।लिहाजा शराब घोटाले की जांच अब एक टुल्ल शराबी की तरह झूमते हुए चलने के आसार हैं।

हरियाणा में शराब घोटाले की जांच करा रहे गृह मंत्री अनिल विज को तीसरी बार झटका लगा है।पहली बार तब,जब सरकार ने उनसे सीआइडी वापस ले ली थी।दूसरी बार जब शराब घोटाले की जांच कर रही एसईटी(स्पेशल इंक्वायरी टीम) को एसआइटी(स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम) की पावर नहीं दी गयी।और अब ये रिटायरमेंट।

मालूम हो कि गृह मंत्री अनिल विज ने शराब घोटाले की जांच के लिए एसआईटी बनाने के आदेश दिए थे,लेकिन नोटिफिकेशन एसइटी की जारी कर दी गई थी।

यहाँ सरकार की मनसा पर सवाल इसलिए भी उठ रहा है कि जब एडीजीपी सुभाष यादव की सेवानिवृत्ति के कुछ दिन ही शेष थे तो उन्हें इस जाँच टीम का सदस्य क्यों बनाया गया जबकि गृह मंत्री अनिल विज ने एडीजीपी सुभाष यादव के साथ साथ तेज तर्रार आइएएस अधिकारी डा. अशोक खेमका,सीनियर आइइएस अधिकारी संजीव कौशल,टीसी गुप्ता,और आबकारी एवं कराधान विभाग के एडीशनल आयुक्त विजय सिंह के नाम सीएम के पास भेजे थे।

अब देखने वाली बात यह है कि सरकार गृह मंत्री अनिल विज द्धारा दिए गए नामों में से ही किसी सदस्य को चुनेगी या फिर कोई नया चेहरा होंगे।

बतादें हरियाणा में लॉकडाउन के दौरान करोड़ों रुपये का शराब घोटाला हुआ है।मालगोदाम से शराब चोरी तो हुई ही,साथ ही इसे बड़े नेता,पुलिस व आबकारी विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से महंगे दामों पर बेचा गया।

मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों के अनुसार टीसी गुप्ता कमेटी में किसी सीनियर आईपीएस अधिकारी को शामिल करने के लिए दोबारा से आईपीएस अधिकारियों के नाम का पैनल तैयार होगा।इस पैनल में तीन नाम होंगे।

 

 

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