सावधान नरेंद्र गुप्ता जी..चुनावी कार्यालय में जम चुकी है चाटुकारों की फौज

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आजतक खबरें,फरीदाबाद:वर्षों पुरानी यह कहावत आज भी अस्तित्व में है।हम सभी ने यह बात पढ़ी है कि घर का भेदी लंका ढाये।उसी प्रकार से अब भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र गुप्ता का बनाया जा रहा चुनावी किला फरीदाबाद के घर के भेदी ढहाने की तैयारी में है.जिसका नजारा नरेंद्र गुप्ता जी द्वारा आयोजित सेक्टर 16 की अनाज मंडी में आयोजित यशस्वी मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की मौजूदगी में उमड़ी भीड़ को देख कर स्वयं गुप्ता जी भी समझ चुके होंगे।
जनसभा में उपस्थित भीड़ को देखकर कोई भी व्यक्ति जो थोड़ी बहुत भी राजनीतिक समझ रखता होगा वह मौके को देख कर आंकलन कर सकता था कि उपस्थित भीड़ में से कितने भाजपा समर्थक वोटर व कार्यकर्ता थे।
जिस समय मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर मंच से जनसभा को संबोधित कर रहे थे उस समय पीछे पड़ी खाली कुर्सियों को देखकर नरेंद्र गुप्ता जी को फरीदाबाद के बीजेपी के बड़े नेताओं का खुले मन से कितना समर्थन प्राप्त हुआ है यह बात सही तरह से समझ आ गया होगा।
भाजपा के जो बड़े व्यापारी नेता सुबह से ही नरेंदर गुप्ता के समर्थन में बड़ी संख्या में प्रोग्राम के लिए बड़ी संख्या में भीड़ लाने का दावा कर थे शाम होते होते मुख्यमंत्री के सामने भाजपा प्रत्याशी की सभा स्थल में किरकरी करवा गए।
फरीदाबाद मंडी में मुख्यमंत्री मनोहरलाल खटटर के कार्यक्रम में उनके व्यक्तित्व या उनके कार्यकाल के दौरान किये गए जनहित कार्यो को देखते हुए जो भीड़ उमड़नी चाहिए थी,जो जोश व् उत्साह होना चाहिए था वह पूरे कार्यक्रम के दौरान देखने को नहीं मिला।केवल उस क्षण को छोड़ कर जब इस विधानसभा के चहेते मंत्री मंच के सामने नीचे लगी कुर्सियों पर जनता के बीच बैठ गए।शायद वे मुख्यमंत्री,संगठन, मीडिया,वोटर जनता को कुछ अलग ही संदेश देना चाहते थे।
 
बाद में जब विधानसभा के चहेते मंत्री जी मंच से सम्बोधित करने उठे तो मंच के सामने बैठे उनके समर्थक अपने माननीय नेता के पक्ष में जयघोष के नारे लगते रहे और जब तक नारे लगते रहे जब तक इन नारों की गूंज पड़ोस में ही खुले कांग्रेस प्रत्याशी लखन सिंगला के मुख्य कार्यालय तक नहीं पहुँच गयी।
गौरवतलब यह कि ये गगनभेदी नारे-वीर सुरमा केवल तब तक ही पंडाल में रहे जब तक उनके माननीय नेता का भाषण चलता रहा और बाद में एक एक कर आंख बचा पतली गली से निकल लिए।
उपस्थित श्रोताओं के देख कर सहज ही आंकलन किया जा सकता था कि सभा में अपने चहेते मुख्यमंत्री को देखने व् सुनने वाले कितने श्रोता-वोटर थे व् कितने फरीदाबाद के बड़े उद्योगपतिओं के कारखानों से बस में भर कर लाये उनके मजबूर कर्मचारी ?
मौके पर उपस्थित एक पुराने बीजेपी बुजुर्ग कार्यकर्ता ने जो पिछले कई वर्षों से संगठन की दरी बिछाने का काम कर रहे हैं।उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि नरेंद्र गुप्ता के कार्यालय में चाटुकारों की फौज जम चुकी है।अभी भी जमीनी हकीकत को नहीं देखा गया तो ऐसा ना हो कि काफी देर हो जाए।
मौके पर देख कर ऐसा लग रहा है कि शायद भाजपा उम्मीदवार नरेंद्र गुप्ता को विपक्षी पार्टी के वार की ज़रूरत नहीं है।सीट तो निकल रही जान पड़ती है लेकिन फिर भी भाजपा लीडरशिप को इस तरफ तवज्जो देनी चाहिए क्योकि अटल जी की एक वोट से गिरी सरकार का परिणाम गुप्ता जी को नहीं भूलना चाहिए।

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