परिषद का मुख्य उद्देश्य हर बच्चे के चेहरे पर मुस्कान लाना है: प्रवीण अत्री

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आजतक खबरें,फरीदाबाद, 08 नवंबर: परिषद का मुख्य उद्देश्य हर बच्चे के चेहरे पर मुस्कान लाना है बच्चों की प्रतिभा को घरों से निकालकर एक मंच प्रदान करके उनको आगे ले जाना है उक्त शब्द आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के जशन में हमारा देश आजादी का अमृत महोत्सव में हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद के स्थापना वर्ष के 50 वर्ष पूर्ण होने पर स्वर्ण जयंती के आयोजन कार्यक्रम की मेजबानी कर रहे हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद के मानद महासचिव प्रवीण अत्री ने भव्य समारोह के दौरान अपनी बात रखते हुए कहे।

हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद के मानद महासचिव प्रवीण अत्री ने कहा कि बच्चों को मानसिक तनाव से बचाने के लिए प्रत्येक जिले में बाल सुधार परामर्श केंद्र खोले गए हैं जिससे उनके मानसिक संतुलन को बरकरार रखा जा सके। उनका मुख्य कार्य प्रदेश भर से बाल भिक्षावृत्ति को रोकना है जिससे परिषद बच्चों को उचित व अच्छी शिक्षा प्रदान कर सके ताकि वह बच्चे भविष्य में अपने जीवन को सफल व सुगम बना सके।साथ ही आज के कार्यक्रम की सफलता से गद-गद हो मंच से ही बाल कल्याण परिषद के फरीदाबाद जिला अधिकारी कमलेश शास्त्री की जम कर तारीफ की।

बतादें आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के जशन में हमारा देश आजादी का अमृत महोत्सव में हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद के स्थापना वर्ष के 50 वर्ष पूर्ण होने पर स्वर्ण जयंती के कार्यक्रम का पूरे प्रदेश में आयोजन हो रहा है। इसी क्रम में फरीदाबाद के बाल कल्याण परिषद द्धारा मानव रचना यूनिवर्सिटी में कायर्कम का आयोजन किया जा रहा है ,जिसमे इस अवसर को खास बनाने के लिए हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद के द्वारा बाल महोत्सव प्रतियोगिताओं 2021 का आयोजन हो रहा है।

प्रतियोगिताओं के शुभारंभ सत्र में आज बड़खल से सीमा त्रिखा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।कार्यक्रम की मेजबानी हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद के मानद महासचिव प्रवीण अत्री ने की।वहीं विशिष्ट अतिथि के तौर पर फरीदाबाद के अतिरिक्त उपायुक्त सतवीर मान,बड़खल से उपमंडल अधिकारी (ना०) पंकज सेतिया व गंगाशंकर मिश्र उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंची बडकल से विधायक सीमा त्रिखा ने कहा कि लगभग डेढ़-2 साल बच्चों का कोरोना की वजह से घर से घरों से निकलना बंद हो गया था, बल्कि केवल घरों में कैद होकर रह गए थे। जैसे-जैसे कोरोना खात्मे की ओर बढ़ा वैसे वैसे बच्चों एक नई ऊर्जा, उमंग व जोश देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद सही मायनों में बच्चों की प्रतिभा को तराशने व मंच प्रदान करने का कार्य कर रही है जिससे बच्चे अपनी प्रतिभा को निखार व तराश सकें।सरकार के द्वारा दिए गए सभी दिशानिर्देशों व सभी बाल कल्याणकारी सुविधाओं को पहुंचाने का कार्य कर रही है।

तो वहीं अन्य सत्र के मुख्य अतिथि विधायक राजेश नागर ने उपस्थित बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने जो भी बच्चों के हित के लिए निर्देश जारी किए गए हैं उनको घरों तक पहुंचाने का कार्य बाल कल्याण परिषद के द्वारा बखूबी किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि बच्चों को प्राकृतिक व्यवहार व अपनी धरा की संस्कृति से जुड़े रहने का पाठ वी परिषद पढ़ा रही है जिससे बच्चे अपनी संस्कृति व लोक कला से जुड़े रहें।

राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में आज फरीदाबाद में सोलो डांस, ग्रुप डांस, सोलो सोंग, बेस्ट ड्रामेबाज, कार्ड मेकिंग, क्ले मॉडलिंग व हैंड राइटिंग (इंग्लिश व हिंदी) आदि जैसी 18 तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिसमें बच्चों ने बॉलीवुड, हरियाणवी, राजस्थानी, पंजाबी, गुजराती, गढ़वाली जैसे लोक नृत्यों के माध्यम से सभी का मन मोहा। बच्चों ने तन्ने न्यू ढुंगे पर रखूं ओ, घूमर घूमर आदि जैसे लोग ने गीतों पर अपनी कला को प्रदर्शित कर के मुख्य अतिथियों को खूब तालियां बटोरी।

इस अवसर पर मानव रचना शैक्षणिक संस्थान के उपाध्यक्ष अमित भल्ला, मैनेजिंग डायरेक्टर एनसी वाधवा, द्रोणाचार्य अवॉर्डी सरकार तलवार, मंडल कल्याण अधिकारी कुश्मेंन्दर यादव, कल्याण अधिकारी पलवल सुरेखा डागर, जिला बाल कल्याण अधिकारी कमलेश शास्त्री, कार्यक्रम अधिकारी सुंदरलाल खत्री, आजीवन सदस्य रामरतन नरवत, विंग कमांडर हरिचंद मान, ओपी धामा, शिक्षा विभाग से कार्यक्रम नोडल अधिकारी सुशील कण्वा, निर्णायक मंडल के सदस्य डॉक्टर भूपेंद्र मल्होत्रा, बृजमोहन भारद्वाज, डॉ बलराम आर्य, सुनील गौड़, दीपिका लोगानी, शिल्पी व आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

बतादें 20 नवंबर को इंद्रधनुष ऑडिटोरियम पंचकूला में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का समापन व विजेता बच्चों को हरियाणा के महामहिम राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के कर कमलों के माध्यम से पुरस्कृत किया जाएगा।

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