सूरजकुंड चौपाल पर विजय वर्धन व् पद्मजीत सहरावत की जुगलबंदी ने किया “सजदा”

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आजतक खबरें,फरीदाबाद:न नमाज आती है मुझे न वजू आता है,तू सामने आता है तो तेरा सजदा कर लेता हूं।मशहूर शायर मोहम्मद अली जहूर की इन लाइनों को जब वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विजय वर्धन ने पेश किया तो सूरजकुंड मेले की चौपाल पर मौजूद लोगों की भीड़ ने वाहवाही के साथ उनका स्वागत किया।रविवार शाम को सूरजकुंड में यह मौका था विजय वर्धन की शायरी और मशहूर गायक पदमजीत अहलावत के गीतों की जुगलबंदी का।

सजदा के नाम से आयोजित यह कार्यक्रम मशहूर शायर गुलजार साहब के साथ हुई बातचीत को शब्दों में बयां करते हुए श्री वर्धन ने कहा कि दो लब्ज कागज पर उतार कर चीख भी लेता हूं और आवाज भी नहीं आती के साथ शुरू हुआ।विजय वर्धन ने कहा कि कुछ लम्हे हमेशा जिंदा रहते हैं बूढ़े नहीं होते रिश्तों की तरह,उनके चेहरे पर झुर्रिया नहीं गिरती,वो चलते रहते हैं गिरते रहते हैं।

कार्यक्रम में जज्बातों को कुरेदते हुए श्री वर्धन ने कहा कि हमारे ही दिल में ठिकाना चाहिए था तो फिर तूझे जरा पहले बताना चाहिए था,चलो हम ही सही सारी बुराईयों के सबब,मगर तूझे भी जरा सा निभाना चाहिए था,अगर नसीब में तारीखियां ही लिखी थी तो फिर चराग हवाओं में जलाना चाहिए था।पुराने दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि सफर में लौट जाना चाहता है एक परिंदा आशियाना चाहता है।

हिंदी -उर्दू काव्य एवं संगीत के फ्यूजन से जन्मे सजदा’ के तहत जहां विजय वर्धन ने अपनी काव्य रचनाओं की प्रस्तुति दी,वहीं इसका जवाब पद्मजीत ने अपने बैंड के साथ गीतों व अपनी रचनाओं से दिया।विजयवर्धन ने फैज अहमद फैज,गुलजार, मजरूह सुल्तानपुरी,निदा ,कातिल शैफाई की रचनाओं को खूब सुनाया, तो पद्मजीत ने चार दिनां दा प्यार ओ रब्बा,चन्न मेरया चन्ना मेरया, मेरे रश्के कमर गीत सुना कर मन मोहा।

पद्मजीत सहरावत ने सूफियाना कलाम प्रस्तुत कर मेले की शाम को बेहद हसीन बनाया।पद्मजीत ने तू है मौला मस्त कलंदर,बस गया तू दिल के अंदर और मोहब्बत बरसा देना तू जैसे कलाम पेश कर झुमाया।इनके अलावा अपनी ये धरती अपना आसमां और सुनो गौर से दुनिया वालो,बुरी नजर न हम पर डालो जैसे गीतों से भी युवाओं को अपनी सीटों से उठने पर मजबूर कर उनमें जोश भरा।काव्य एवं संगीत के मिश्रण से ऐसा समां बांधा कि दर्शक हर पल झूमते नजर आए।

मेला में रविवार शाम को मुख्य चौपाल पर संगीत के सुरों में घुल-मिलने के लिए बैठी महफिल को पर्यटन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजय वर्धन व क्रिकेटर से संगीतकार-गायक बने पद्मजीत सहरावत की जुगलबंदी ने लूट लिया।

 

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